दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने की कवायद:पार्षदों ने लैंडफिल साइट्स, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स का जायजा लिया, वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर

नई दिल्ली। दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति दिलाने और राजधानी को स्वच्छ, सुंदर व प्रदूषण मुक्त बनाने के अभियान को गति देने के लिए नगर निगम (एमसीडी) के पार्षदों ने शनिवार को प्रमुख लैंडफिल साइट्स और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उप महापौर डॉ मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्य शर्मा, डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर तथा शाहदरा उत्तरी और शाहदरा दक्षिणी जोन के पार्षद भी मौजूद रहे। इस दौरान पार्षदों ने कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था, वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया और सफाई व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट ली। पार्षदों की विशेष टीम ने ओखला-तेहखंड, भलस्वा, नरेला-बवाना और गाजीपुर स्थित लैंडफिल साइट्स का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने साइट्स पर चल रहे कार्यों, मशीनों की क्षमता और कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण की जानकारी दी। टीम ने यह भी देखा कि किस प्रकार कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल पर फोकस निरीक्षण के दौरान निगम का मुख्य फोकस वेस्ट-टू-वेल्थ यानी कचरे से संपदा बनाने की अवधारणा को तेजी से लागू करने पर रहा। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के जरिए लैंडफिल साइटट्स पर जमा पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है, ताकि दिल्ली को जल्द से जल्द कूड़े के पहाड़ों से राहत मिल सके। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोहिणी वार्ड-53 सहित अन्य क्षेत्रों में भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पार्षदों ने जमीनी स्तर पर स्वच्छता अभियान की प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दिल्ली को स्वच्छ-सुंदर बनाना लक्ष्य एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, हमारा लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। कचरा प्रबंधन में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से न केवल प्रदूषण कम किया जा रहा है, बल्कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। पार्षदों का यह निरीक्षण जवाबदेही तय करने और कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एमसीडी ने दिल्लीवासियों से भी कचरा प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। निगम का कहना है कि घरों में गीले कचरे से खाद बनाकर नागरिक ग्रीन दिल्ली, अभियान को मजबूती दे सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, वार्ड स्तर पर नियमित निगरानी बढ़ाने और सफाई व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की तैयारी की जा रही है।

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