दिल्ली के जल एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने अफसरों की कार्यशैली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वरुणालय में जोनल रेवेन्यू अधिकारियों (ZRO) के साथ आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में मंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मौजूदगी दिल्ली के हर मोहल्ले और हर नागरिक तक महसूस होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को शासन की मूल भावना बनाने पर विशेष बल दिया। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि लोकसेवा केवल दफ्तरों की फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाना चाहिए। बैठक के मुख्य निर्देश: अफसरों के लिए तय हुए नए टास्क जल मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को फील्ड पर उतरने के सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ: सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका सीधा फायदा समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। जनता के बीच बनें सेतु: अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें। वे नियमित रूप से जनता के बीच जाएं, उनकी समस्याओं को ऑन-स्पॉट समझें और सरकार व जनता के बीच एक मजबूत कड़ी (सेतु) के रूप में काम करें। योजनाओं का हो व्यापक प्रचार: हर नागरिक को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि सरकार उसके लिए क्या सुविधाएं और योजनाएं चला रही है तथा वह उनका लाभ आसानी से कैसे उठा सकता है। ‘लोकसेवा जिम्मेदारी, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं’ मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा,”हमारे अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर उनकी जमीनी समस्याओं को समझना होगा और पूरी ईमानदारी व संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करना होगा। लोकसेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पारदर्शिता, समर्पण और जवाबदेही के साथ निभाना बेहद आवश्यक है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
दिल्ली में PWD मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी:बोले-फाइलों से बाहर निकलें अधिकारी, जनता के बीच बनें मजबूत सेतु
