AAP के सुंदरकांड आयोजन पर सियासी घमासान:संजय बोले-धर्म को किसी की जागीर नहीं बनने देंगे, पूजा-पाठ के लिए क्या भाजपा से अनुमति लेनी होगी

राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा आयोजित कराए गए ‘सुंदरकांड’ पाठ को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं द्वारा किए गए इस आयोजन पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी, जिस पर अब ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जोरदार पलटवार किया है। संजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (ट्विटर) पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। इस दौरान उन्होंने लिखा, “अगर सुंदरकांड के पाठ से भाजपाई इतने बिलबिला गए, तो लंकाकांड से इनका क्या हाल होगा?” ‘क्या पूजा-पाठ के लिए भी भाजपा से परमिशन लेनी होगी?’ संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोग खुद को हिंदू धर्म का ठेकेदार मानकर बैठे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या अब देश के करोड़ों हिंदुओं को अपने घरों या आयोजनों में पूजा-पाठ करने के लिए भी भाजपा से अनुमति लेनी पड़ेगी?” सांसद ने आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि अगर भाजपा का यही रवैया रहा, तो कल को ये लोगों के घरों में घुसकर जांच करने लगेंगे कि कोई रामायण, गीता या सुंदरकांड पढ़ रहा है या नहीं। उन्होंने दावा किया कि सुंदरकांड के आयोजन के बाद से भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों से लेकर प्रवक्ताओं तक, सभी लोग बौखलाहट में सोशल मीडिया पर आक्रामक हो गए हैं। राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर साधा निशाना संजय सिंह ने सीधे तौर पर भाजपा को घेरते हुए राम मंदिर निर्माण में कथित घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा: चोरों के खिलाफ बजरंगबली से प्रार्थना: “हमने सुंदरकांड का पाठ करके प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की है और चंदा चोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बजरंगबली से आशीर्वाद मांगा है।” घोटाले पर चुप्पी का आरोप: उन्होंने कहा कि जब प्रभु श्रीराम के मंदिर में कथित तौर पर करोड़ों का घोटाला सामने आया, तब भाजपा के लोग चुप रह गए। प्रधान मंत्री के खिलाफ अभियान: संजय सिंह ने याद दिलाया कि इस समय प्रधानमंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान भी चल रहा है। आखिर में चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा, “मैं भाजपाइयों से इतना ही कहना चाहता हूं कि इतना मत बिलबिलाओ। अभी तो सिर्फ सुंदरकांड का पाठ हुआ है, अगर आगे लंकाकांड हुआ तो तुम्हारी क्या हालत होगी, यह सोच लो।”

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