पीएम मोदी ओडिशा में BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में उन्होंने करीब ₹47 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मू का आज 68वां जन्मदिन है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ मयूरभंज ही नहीं, बल्कि पूरे ओडिशा की पहचान को मजबूत किया है। PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल गांव पहाड़पुर को ‘सोलर विलेज’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाई जाएगी और पहाड़पुर की पहचान कोणार्क सूर्य मंदिर की तरह एक नए मॉडल गांव के रूप में बनाई जाएगी। पीएम राष्ट्रपति मुर्मू के साथ उनके ससुराल पहाड़पुर भी गए। राष्ट्रपति के साथ पीएम पहाड़पुर स्थित स्किल ट्रेनिंग हब गए। वहां छात्राओं से बात की। पीएम ने संथाल समुदाय के पवित्र स्थल संथाली जाहेरा और हो जाहेरा में पूजा-अर्चना भी की। पीएम-राष्ट्रपति के ओडिशा दौरे की तस्वीरें… PM मोदी के भाषण की 6 बड़ी बातें प्रोजेक्ट्स जिनका PM ने उद्घाटन किया… खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से ओडिशा पहुंचीं राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ओडिशा पहुंची थीं। वे पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से हेलिकॉप्टर लेकर ओडिशा आने वाली थीं। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके कारण उन्हें सड़क मार्ग से ओडिशा आना पड़ा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार रात रायरंगपुर स्थित अपने आवास पर रुकी थीं। शनिवार सुबह पहाड़पुर पहुंचीं। यहां उनके जन्मदिन पर लोगों ने फूल देकर, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया। पहाड़पुर से मुर्मू ने शुरू किया था राजनीतिक करियर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में एक आदिवासी संथाल परिवार में हुआ था। उनकी शादी 1980 में श्याम चरण मुर्मू से हुई थी, जिनका पैतृक गांव मयूरभंज जिले का पहाड़पुर है। यहीं उनके ससुराल का घर है। शादी के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षक और सरकारी कर्मचारी के रूप में काम किया, फिर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत की पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। 2000 और 2004 में रायरंगपुर से विधायक चुनी गईं और ओडिशा सरकार में मंत्री रहीं। 2015 में वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनीं। इसके बाद 2022 में राष्ट्रपति चुनाव जीतकर भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला बनीं। ———————————– PM मोदी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले:G–7 समिट में दोनों ने 5 मिनट बात की; मोदी से मेलोनी बोलीं- हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम ने ओडिशा में ₹47600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए:पहाड़पुर में राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल गए, गांव को सोलर विलेज बनाने का ऐलान किया
