गाजीपुर कूड़ा फेंकने की जगह पर दिल्ली सरकार सख्त:शहरी विकास मंत्री लिया मौके का जायजा, कचरा निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त लीलाधर अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गाजीपुर कूड़ा फेंकने की जगह का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने कचरा निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की और बायोमाइनिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीके से राजधानी के सभी कूड़ा फेंकने की जगहों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 30 लाख मीट्रिक टन कचरे की बायोमाइनिंग का लक्ष्य था, लेकिन पूरे अनुबंध के दौरान केवल 13.90 लाख मीट्रिक टन कचरे का ही निस्तारण हो पाया। 24 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण उन्होंने कहा नई सरकार बनने के बाद इस कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई। 7 मार्च 2025 को दूसरे चरण के तहत 30 लाख मीट्रिक टन कचरे की बायोमाइनिंग का कार्य आवंटित किया गया, जिसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 24 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है, जिससे लगभग 20 एकड़ भूमि कूड़ा मुक्त हो गई है।अप्रैल 2026 के सर्वेक्षण के अनुसार गाजीपुर कूड़ा फेंकने की जगह में 67.81 लाख मीट्रिक टन कचरा मौजूद था। 30 अप्रैल से 25 जून 2026 के बीच 3.39 लाख मीट्रिक टन कचरे का बायोमाइनिंग के जरिए निस्तारण किया गया। इसके बाद वर्तमान में कुल 66.68 लाख मीट्रिक टन कचरा शेष है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक पूरे कूड़ा फेंकने की जगह को कचरा मुक्त करना है। ये दिए प्रमुख निर्देश * 31 जुलाई तक बायोमाइनिंग क्षमता 7,000 से बढ़ाकर 12,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने के निर्देश। * ताजे कचरे के अलगाव के कार्य में तेजी लाई जाएगी। * बायोमाइनिंग और वेस्ट मैनेजमेंट कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा होगी। * दिसंबर 2027 तक गाजीपुर कूड़ा फेंकने की जगह के पूर्ण निस्तारण का लक्ष्य।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *