जामिया मिल्लिया इस्लामिया में डेंटल फैकल्टी की वर्कशॉप:तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग, क्लिनिकल तकनीकों की दी ट्रेनिंग, नशे से दूर रखने पर जोर

नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। अनमास्किंग द अपील, काउंटिंग निकोटीन एंड टोबैको एडिक्शन थीम पर आधारित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आमजन को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा प्रोजेक्ट (एनआईएचआर) कोर के तहत आयोजित किया गया। यह भारत, कोलंबिया, केन्या और ब्राजील का संयुक्त प्रयास है, जिसे यूके के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर रिसर्च का सहयोग प्राप्त है। विशेषज्ञों ने दी व्यावहारिक ट्रेनिंग कार्यक्रम में डीन प्रो. नदीम यूनुस ने कहा, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी है कि वे अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस में तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग को शामिल करें। तंबाकू-मुक्त समाज के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। वैज्ञानिक सत्र में नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सेसेशन के विशेषज्ञों ने निकोटीन की लत से मुक्ति के साक्ष्य-आधारित उपाय साझा किए। डॉ. रोमशी रैना और डॉ. राधिका गुप्ता ने काउंसलिंग तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया। वहीं 50 प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन सत्र में मरीजों को तंबाकू की लत से बाहर निकालने के व्यावहारिक कौशल सीखे। कार्यक्रम का समन्वयन प्रो अभिषेक मेहता की देखरेख में किया गया।

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