नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) दिल्ली मध्य-1 की तृतीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ की अध्यक्षता में हुई, जिसमें केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुखों और राजभाषा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के संयुक्त निदेशक कुमार पाल शर्मा बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाना था। वार्षिक लक्ष्यों को समय से पूरा करने का आह्वान उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अनुपालन पर जोर देते हुए वार्षिक लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आह्वान किया। इस दौरान कुलपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा को मिले विशेष स्थान का भी जिक्र किया। प्रो. आसिफ़ ने कहा, जिन्हें मां से प्रेम है, उन्हें मातृभाषा से भी प्रेम होता है और वे मातृभूमि के प्रति भी समर्पित होते हैं। इन तीनों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। राजभाषा को गति देने के लिए विश्वविद्यालय ने पहले ही कई उप-समितियों का गठन किया है, जो इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यहां देखें फोटो…
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