दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन’ (PARIVARTAN) योजना को राजधानी में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है, ताकि परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि हाल ही में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि योजना से दिल्ली-एनसीआर के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत बीएस-IV या उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप कर नए बीएस-VI, उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कई तरह के वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। इसमें मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में छूट, ब्याज सब्सिडी, वाहन निर्माताओं की ओर से विशेष छूट और ईंधन वाउचर शामिल हैं। योजना के तहत पुरानी बीएस-IV या उससे नीचे की बसों को भी शामिल किया गया है। इन्हें केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से बदला जा सकेगा। इसके अलावा, स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों के लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
‘परिवर्तन’ योजना के प्रमुख लाभ…
-दिल्ली-एनसीआर के 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ।
-बीएस-IV और उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन।
-10 वर्षों तक 100% मोटर वाहन कर में छूट।-100% पंजीकरण शुल्क माफी।
-ब्याज पर 5% सब्सिडी और ओईएम की ओर से 8% तक की छूट।
-ईंधन वाउचर या उसके बराबर एकमुश्त लाभ।
किन वाहनों को मिलेगा फायदा?,…
-बीएस-IV और उससे नीचे के हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी)।
-मध्यम मालवाहक वाहन (एमजीवी)।-भारी मालवाहक वाहन (एचजीवी)।
-पुरानी बीएस-IV और उससे नीचे की बसें।
-नए बीएस-VI, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को प्राथमिक लाभ।
सरकार की मंशा,…
-परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करना।
-राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना।
-व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना।
-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित कर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना।
