दिल्ली सरकार यमुना नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा जन-अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आगामी 14 जून को ‘यमुना तट स्वच्छता अभियान-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस महाअभियान की कमान खुद मुख्यमंत्री संभालेंगी और नागरिकों के साथ मिलकर घाटों की सफाई करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय धरोहर है। इसे स्वच्छ रखने का दायित्व सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि हर दिल्लीवासी का है। जब तक जनभागीदारी नहीं होगी, तब तक यमुना को उसका पुराना स्वरूप लौटाना संभव नहीं है।” पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुना बड़ा होगा एक्शन सरकार इस साल के अभियान को पिछले वर्ष से भी बड़े स्तर पर ले जा रही है। पिछले साल के नतीजे और इस बार की तैयारी कुछ इस प्रकार हैं। ‘मेरी यमुना, मेरा कर्तव्य’ (पिछले वर्ष): इस अभियान के तहत हजारों स्वयंसेवकों ने मिलकर यमुना घाटों से 12 टन से अधिक कचरा (वेस्ट) निकाला था। जिसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। यमुना तट स्वच्छता अभियान (इस वर्ष): 14 जून को होने वाले इस महाअभियान में करीब 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठन एक साथ हिस्सा ले रहे हैं। घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं का ‘मेगा अरेंजमेंट’ अभियान के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने और सुचारू संचालन के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: स्थानीय प्रशासन, दिल्ली पुलिस, एमसीडी (MCD) और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम करेंगे। ग्राउंड मैनेजमेंट: घाटों पर सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पीने के साफ पानी, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और आपातकालीन सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जन-जागरूकता: सफाई के साथ-साथ मौके पर आने वाले लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नदी में गंदगी न फैलाने के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
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