हरियाणा के झज्जर जिले में प्लॉट को लेकर चल रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दिल्ली से प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे कुछ लोगों ने दंपती के साथ मारपीट कर दी। बीच बचाव में आए कुछ ग्रामीणों पर भी हमला किया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने हमलावरों को घेर लिया और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कुछ युवकों को कमरे में बंद दिया गया। लाठी, डंडे और फावड़े से भी हमला किया गया। कुछ युवक बचने के लिए तालाब में कूद गए, लेकिन लोगों ने उनका वहां भी पीछा नहीं छोड़ा। तालाब के अंदर और किनारे पर गिराकर जमकर लाठी डंडों से हमला किया गया। युवक हाथ जोड़कर जान बचाने की गुहार लगाते दिखे। 19 अगस्त को हुए इस घटनाक्रम के अब कई वीडियो सामने आए है, जिनमें दिल्ली के युवकों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की जा रही है। वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से छह आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। दिल्ली के युवकों की पिटाई के PHOTOS… सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… क्या है प्लाट का विवाद, शिकायतकर्ता ने दी जानकारी सुरेंद्र के अनुसार, परिवार की जमीन एक जगह (सांझी) ही है। इस जमीन का हिस्सा अलग कराने को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि उसके चाचा के बेटे अमित ने करीब एक करोड़ रुपए की कीमत का 570 वर्ग गज का प्लॉट परिवार के अन्य सदस्यों की जानकारी के बिना गांव की एक लड़की को बेच दिया। सुरेंद्र का कहना है कि उसने लड़की, उसके पिता और पति से प्लॉट नहीं लेने को कहा था। 19 अगस्त को वह अपनी पत्नी गीता के साथ ट्रैक्टर से घर लौट रहा था। प्लॉट के सामने अमित को गेट लगाते देख उसने इसका विरोध किया। इसी दौरान कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि लड़की के पति ने दिल्ली और बहादुरगढ़ से 26 युवक भेज दिए, जिन्होंने दोनों के साथ मारपीट की। इस मारपीट की जानकारी मिलने पर उनके पक्ष के लोग भी आ गए। एसीपी ने घायलों को पुलिस सुरक्षा में निकाला मौके पर पहुंचे एसीपी प्रदीप खत्री ने बिगड़ते हालात को संभालने के लिए खुद मोर्चा संभाला। एसीपी प्रदीप खत्री ने दोनों पक्षों के बीच बचाव करते हुए बड़ी मुश्किल से माहौल शांत कराया। विरोध के बीच उन्होंने कब्जा करने पहुंचे घायल युवकों को पुलिस सुरक्षा में गाड़ी में बैठाकर मौके से बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। इसके बाद ग्रामीणों और घायलों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। एसीपी की सूझबूझ, संयम और तत्परता से हालात पर काबू पाया गया। पुलिस कर रही हथियार और अन्य आरोपियों की तलाश एसएचओ बादली थाना सुमित कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस ने सुरेंद्र पुत्र धर्मबीर की शिकायत पर 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें से 17 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि छह आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर झगड़े में इस्तेमाल हथियारों, जमीन विवाद की वास्तविक वजह और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में दिल्ली के युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा,VIDEO:कमरे में बंद कर फावड़े से हमला, हाथ जोड़ माफी मांगते दिखे; 23 अरेस्ट
