पीएम मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का हिस्सा है। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा- दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं। इस साजिश को मिलकर नाकाम करना होगा। विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होने के साथ नशे से भी दूर रहेगा। उन्होंने बताया कि अगले 100 सप्ताह तक हर रविवार कला, संस्कृति, खेल और अन्य गतिविधियों के जरिए नशा मुक्ति का संदेश देशभर में पहुंचाया जाएगा। पीएम ने युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। पीएम की स्पीच की 5 बड़ी बातें… 1. नशा सपनों और परिवार दोनों को तोड़ देता है PM मोदी ने कहा कि नशा युवाओं का फोकस भटकाकर उन्हें धीरे-धीरे उनके सपनों से दूर ले जाता है। आज भारत के युवा स्टार्टअप, AI और स्पेस जैसे क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन अगर कोई युवा ड्रग्स की गिरफ्त में आ जाए तो सिर्फ उसका सपना ही नहीं, पूरा परिवार हार जाता है। नशा एक पिता के सपनों और बहन की उम्मीदों को भी तोड़ देता है। 2. दुश्मन देश ड्रग्स के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि राष्ट्र की ताकत को भी कमजोर करता है। दुश्मन देश भारतीय युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाने की साजिश रचते हैं। सरकार नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। 3. ड्रग्स थोड़ी देर का हाई, लेकिन जिंदगीभर का नुकसान ड्रग्स कुछ समय के लिए हाई देता है, लेकिन करियर और फैमिली लाइफ को बर्बाद कर देता है। हमारे संतों और गुरुओं ने भी नशे से दूर रहने की सीख दी है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो नशा इंसान की बुद्धि और विवेक छीन ले, वह उसे पतन की ओर ले जाता है। 4. नशे से बाहर निकले युवाओं को दूसरा मौका मिलना चाहिए नशे की लत से लड़कर बाहर निकलने वाले असली योद्धा हैं। किसी व्यक्ति का अतीत उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि मुश्किलों से बाहर निकलने का उसका साहस उसकी असली पहचान होता है। 5. ड्रग्स माफिया पर कार्रवाई कई गुना बढ़ी देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त की जा रही है और कार्रवाई पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। नशा मुक्त युवा कार्यक्रम में 1 करोड़ से ज्यादा युवा शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले देशभर के युवाओं ने एक साथ ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ ली। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 28 हजार से ज्यादा स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। अभियान में 1 करोड़ से ज्यादा युवा शामिल हुए। कार्यक्रम में 5 प्रमुख आध्यात्मिक गुरु—अम्मा, श्री श्री रविशंकर, दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी भी वर्चुअली जुड़े। इसके अलावा कई मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। 100 हफ्तों तक हर रविवार कार्यक्रम होगा इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समाज में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ाना है। यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक चलेगा। इसके तहत हर रविवार देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, जिनके जरिए लोगों को नशे के नुकसान बताए जाएंगे और नशा मुक्त भारत का संदेश दिया जाएगा। नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की कोशिश यह अभियान 125 से ज्यादा आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, सामाजिक संस्थाएं और उद्योग संगठन भी इस अभियान से जुड़े हैं। सरकार चाहती है कि इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, युवा संगठन, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग संगठन और आध्यात्मिक संस्थाएं मिलकर काम करें। उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम से जुड़ें और नशे के खिलाफ इसे जन आंदोलन बनाया जाए। भास्कर नॉलेज | नशे का आतंकवाद से कनेक्शन सवालः नार्को-टेररिज्म क्या है? जवाबः जब ड्रग्स बेचकर कमाए गए पैसे का इस्तेमाल आतंक फैलाने, हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियां चलाने में होता है, तो इसे नार्को-टेररिज्म कहा जाता है। सवालः नशा फैलाने में पाकिस्तान का नाम क्यों आता है? जवाबः पंजाब और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन और दूसरे नशे की तस्करी बड़ी चुनौती है। ड्रोन और सीमा पार नेटवर्क के जरिए नशा भेजा जाता है। हालांकि, भारत में आने वाले कुल ड्रग्स में पाकिस्तान का कितना हिस्सा है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। सवालः नशे से आतंकवाद को कैसे फायदा होता है? जवाबः ड्रग्स बेचकर मिलने वाले पैसे से आतंकी संगठन हथियार खरीदते हैं, नए लोगों को जोड़ते हैं और अपने नेटवर्क को चलाते हैं। इसलिए सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी मानती है। सवालः भारत तस्करों के निशाने पर क्यों है? जवाबः भारत दुनिया के दो सबसे बड़े अवैध ड्रग्स उत्पादन क्षेत्रों गोल्डन क्रिसेंट (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार, लाओस, थाईलैंड) के बीच स्थित है। इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर भारत का इस्तेमाल ड्रग्स को दूसरे देशों तक पहुंचाने के रास्ते (ट्रांजिट रूट) और बड़े बाजार दोनों के रूप में करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि भारत ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के निशाने पर रहता है। —————————- पीएम मोदी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे गालियां दीं, मेरी मां को अपशब्द कहे; ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं पीएम मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर रील शेयर की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि बचपन गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम बोले- भारत में ड्रग्स सप्लाई आतंकी साजिश का हिस्सा:दुश्मन देश युवाओं को नशे में धकेलना चाहते हैं; हमें उनकी प्लानिंग नाकाम करनी है
