आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनसंख्या और सरकारी योजनाओं की शर्तों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा कटाक्ष किया है। केजरीवाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के बयानों में भारी विरोधाभास बताते हुए कहा है कि नेताओं के इस दोहरे रवैये ने आम हिंदू को असमंजस में डाल दिया है। केजरीवाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हिंदुओं को अपनी आबादी बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी। इसके ठीक उलट, केजरीवाल ने भाजपा की दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के बयान को सामने रखा, जिसमें साफ किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें हाल ही में घोषित ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा। ‘आखिर हिंदू करे तो क्या करे? आपस में बैठकर तय कर लें’ चुटकी लेते हुए केजरीवाल ने सीधे तौर पर सवाल दागा कि आखिर आम जनता किसकी बात माने? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हिंदू बेचारा कंफ्यूज है। रेखा जी और भागवत जी मिलकर बता दें कि हिंदुओं को आखिर करना क्या है।
वलसाड में बाढ़ पीडित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
गुजरात के वलसाड जिले में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। बाढ़ के भयानक मंजर और तबाही के बीच 45 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस त्रासदी को बेहद पीड़ादायक बताते हुए कहा कि इस आपदा ने न केवल इंसानी जिंदगियां छीनी हैं, बल्कि स्थानीय किसानों और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। जमीन पर उतरी AAP, प्रवीण राम ने जाना पीड़ितों का हाल वलसाड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए आम आदमी पार्टी की जमीनी टीम हरकत में आ गई है। केजरीवाल ने जानकारी दी कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवीण राम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है और उनका दुख-दर्द साझा किया है। केजरीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि इस अत्यंत संकट की घड़ी में आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता वलसाड के पीड़ित लोगों और परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। ‘संकट में कहां गायब है सरकार?’ — केजरीवाल का तीखा प्रहार आपदा के समय में राहत और बचाव कार्यों की ढिलाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी के बावजूद न तो राज्य के मुख्यमंत्री और ना ही कोई मंत्री ज़मीनी हकीकत और जनता का हालचाल जानने मौके पर पहुंचे हैं। केजरीवाल ने सरकार की इस बेरुखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गहरा आक्रोश जाहिर करते हुए सत्ता पक्ष की संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा किया।
मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग राहत सामग्री के साथ-साथ आर्थिक संबल की जरूरत पर जोर देते हुए अरविंद केजरीवाल ने सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि बाढ़ के तांडव में जिन भी बेकसूर लोगों ने अपनों को खोया है, उनके आश्रितों और पीड़ित परिवारों को तुरंत 1-1 करोड़ रुपए की अंतरिम सहायता राशि जारी की जाए, ताकि इस मुश्किल वक्त में वे अपनी बिखरी जिंदगी को दोबारा पटरी पर ला सकें।
