हरियाणा के सोनीपत में प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर फायरिंग कर भाग रहे दो बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाश टांगों में गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। इसके दोनों को CHC खरखौदा में भर्ती कराया। घायल आरोपियों की पहचान भटाना निवासी, हाल सोनीपत निवासी अंकित और लहराड़ा निवासी हर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाशों ने फायरिंग करने से एक घंटा पहले ही प्रॉपर्टी डीलर से 2 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। खुद को दिल्ली के रहने वाले नंदू उर्फ कपिल सांगवान गैंग का गुर्गा बताया था। उधर, एनकाउंटर की सूचना पर अस्पताल पहुंचे एसीपी राजपाल सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे एक बदमाश की गाल थपथपाते हुए कह रहे है कि “सदर थाने का है ये। तुझे तो मरना चाहिए था”। फिलहाल, पुलिस दोनों बदमाशों की कुंडली खंगाल रही है। साथ ही पुलिस टीम ने प्रॉपर्टी डीलर के घर पहुंचकर भी जांच की। घरों की दीवार और गेट पर गोली लगने के निशान मिले है। कुछ खोखे भी मिले है, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। रंगदारी मांगने से लेकर एनकाउंटर तक, जानिए पूरा घटनाक्रम… पुलिस ने इस मामलें में अब तक ये काम किया… प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर मिले गोलियों के निशान : पुलिस टीम ने प्रॉपर्टी डीलर दीपक के ऑफिस पर पहुंच कर जांच की। ऑफिस के गेट और दीवार पर गोलियों के निशान मिले। घटनास्थल से एक खाली खोल भी बरामद हुआ। इसके बाद FSL टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। नंदू कौन, जिसके नाम का इस्तेमाल किया: एसीपी राजपाल सिंह ने बताया कि रंगदारी मांगने वाले व्यक्ति ने फोन पर नंदू गैंग जिक्र किया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि नंदू का पूरा नाम कपिल सांगवान है, जो दिल्ली के नजफगढ़ में रहता है। वह मूल रूप से नारनौल का रहने वाला है। पुलिस अब नंदू और पकड़़े गए दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, आपसी संपर्क और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है ——————— ये खबर भी पढ़ें… यमुनानगर हरभजन मर्डर केस, मुठभेड़ में दो बदमाश गिरफ्तार:हत्या से पहले कार में लगाई जीपीएस चिप, लोकेशन ट्रेस कर शूटरों ने की वारदात यमुनानगर के मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर 65 वर्षीय हरभजन सिंह की हत्या की साजिश में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। सामने आया है कि हत्या से पहले हरभजन सिंह की कार में जीपीएस चिप लगाकर उनकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही थी। (पूरी खबर पढ़ें)
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