दिल्ली की गर्मी से लोगों को मिलेगी राहत:बांस से बने कूलिंग जोन बनेंगे आम आदमी का सहारा; प्राकृतिक वेंटिलेशन-मिस्ट कूलिंग तकनीक से लैस

दिल्ली में पड़ रही चिलचिलाती धूप और हीटवेव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अभिनव पहल की है। राजधानी में पर्यावरण-अनुकूल कूलिंग जोन की स्थापना की जा रही है, जो पूरी तरह से बांस और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं। हीट एक्शन प्लान के तहत शुरू की गई इस मुहिम का उद्देश्य विशेष रूप से उन मेहनतकश लोगों को राहत देना है, जो दिनभर खुले में काम करते हैं। बवाना और अलीपुर में पहले से ही संचालित इन कूलिंग जोन को सीड्स एनजीओ के सहयोग से विकसित किया गया है। इन संरचनाओं में खस की स्क्रीन और मिस्ट कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो प्राकृतिक रूप से तापमान को कम रखते हैं। इनमें विशेष वेंटिलेशन डिजाइन की गई है ताकि हवा का संचार बना रहे। वहीं, यात्रियों और श्रमिकों के लिए यहां ठंडे पीने के पानी, ओआरएस पैकेट, बैठने की व्यवस्था और हीटवेव से बचाव की जानकारी देने वाली सामग्री उपलब्ध कराई गई है। सीएम रेखा गुप्ता का विजन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये कूलिंग जोन निर्माण श्रमिकों, रिक्शा चालकों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, लोगों को राहत देने वाले ऐसे पर्यावरण-अनुकूल कूलिंग जोन जल्द ही दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी स्थापित किए जाएंगे। नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोपहर में धूप से बचें, हाइड्रेटेड रहें-सीएम फिलहाल प्रशासन 3 और नए जोन तैयार कर रहा है, जिनमें से एक डीसी कार्यालय के सामने बन रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर में धूप से बचें, हाइड्रेटेड रहें और इन सार्वजनिक राहत केंद्रों का पूरा लाभ उठाएं। यह पहल न केवल तत्काल राहत दे रही है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्थायी मॉडल भी पेश कर रही है।

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