नई दिल्ली। मुकुंदपुर इलाके में सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद पूरी इमारत ढह गई। हादसे के दौरान अंदर काम कर रहे 10 लोग मलबे में दब गए। धमाका होते ही मौके पर अफरा तफरी मच गई। मलबे में दबे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हादसे के वक्त पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने लगे। इसी बीच पुलिस व दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए व अन्य राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। शुरुआती जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि गैस रिफिलिंग के दौरान हादसा हुआ है। पुलिस मामला दर्ज कर हादसे का कारण पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्थानीय निवासी समर ने बताया हादसे के वक्त वह अपने घर में था और उसकी छोटी बहन बाथरूम में थी। सुबह जोरदार धमाका हुआ। वह दौड़कर बाहर आया तो उसने देखा कि बाहर धुआं ही धुआं है। कुछ देर बाद धुआं हटा तो पता चला कि सामने वाली इमारत गिर गई है। लोग मदद के लिए आगे आए। धमाके की आवाज से वह बुरी तरह डर गए थे। धमाके बाद हिला पूरा घर अनमोल ने बताया इमारत में कुछ माह पहले पांच-छह किराएदार रहते थे। वह खाली करके चले गए थे। इमारत में बर्तन पॉलिश करने, चार्जर बनाने और अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम होता था। गैस रिफिलिंग की कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन लोग इन लोगों गैस रिफिलिंग का काम बंद नहीं किया। सुबह वह अपने दोस्त के साथ बैठकर घर में बात कर रहे थे। इसी दौरान धमाका हुआ तो उनका पूरा घर हिल गया। वह बाहर आए तो देखा कि बराबर वाला मकान पूरी तरह गिर गया है। पिछले 10-15 सालों से चल रही थी फैक्ट्री स्थानीय निवासी मनोज ने बताया यह फैक्ट्री पिछले 10-15 सालों से चल रही थी। यहां पर लोग रहते थे नहीं, वे केवल काम करने के लिए आते थे। इस मकान मालिक कांता सिंह उर्फ बबलू के यहां दो मकान है। दोनों मकानों में फैक्ट्रियां चलती है। पहले यहां पर पाउडर का काम होता था, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती थी। लगातार शिकायत के बाद पाउडर का काम बंद हुआ था। मौत के मुंह पर बैठी थी पूरी गली हादसे के बाद मौके पर टीमें पहुंच गई। जांच के दौरान टीमों को मकान के अंदर करीब एक दर्जन सिलेंडर रखे हुए मिले। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सिलेंडरों का क्या काम था। अगर हादसे के वक्त सभी सिलेंडर भरे हुए होते तो पूरी गली तबाह हो जाती।
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