नीति आयोग बैठक- पहली बार 28 राज्यों के सीएम पहुंचे:प्रधानमंत्री ने AI के संतुलन और अल नीनो पर चर्चा की; CM विजय ने NEET का विरोध किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक हुई। 11 साल में पहली बार बैठक में सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अवसरों और इसके सामाजिक खतरों के बीच संतुलन बनाना होगा। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और ड्रग्स की समस्या से निपटने के साथ-साथ अल-नीनो (El Nino) के खतरों से सावधान रहने और जल संरक्षण को मजबूत करने की अपील की। वहीं, तमिलनाडु के CM विजय ने PM के सामने NEET परीक्षा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि NEET शुरू होने के बाद ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर असर पड़ा है। विजय ने केंद्र से तमिलनाडु में MBBS-BDS सीटों पर 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर एडमिशन देने की इजाजत मांगी। सीएम विजय ने केंद्र से तमिलनाडु का रुका हुआ ₹3,284 करोड़ का शिक्षा फंड बिना नई शिक्षा नीति और तीन-भाषा नीति की शर्त के जारी करने की मांग की। हालांकि पेपर लीक के मुद्दे पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। नीति आयोग बैठक की 5 तस्वीरें… PM बोले- वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत विकास पथ पर आगे बढ़ रहा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, देश की सामूहिक जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इससे विकास और निर्यात के नए अवसर बनेंगे। देश के एमएसएमई अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार खुद को युवाओं को तैयार कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड ऐतिहासिक अवसर है, जिसे खोने की कीमत देश नहीं चुका सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के लिए सही इकोसिस्टम बनाना प्राथमिकता रहनी चाहिए। इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग के अनुसार स्किलिंग, रोजगार के अवसर शामिल हैं। राज्यों के CM को प्रधानमंत्री के 5 सुझाव… इस बार नीति आयोग की थीम: समावेशी मानव विकास इस साल नीति आयोग की बैठक की थीम ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ थी। इसका मतलब 2047 तक हर उम्र, क्षेत्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक बैकग्राउंड से परे हर भारतीय तक विकास का लाभ पहुंचाना है। भारत 2047 में आजादी के 100 साल पूरे करेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए GDP बढ़ाने के साथ मानव पूंजी को मजबूत करना, युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना, रोजगार बढ़ाना, महिलाओं और वंचित वर्गों को अवसर देना क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना भी जरूरी है। इसी वजह से नीति आयोग की बैठक में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण, उद्यमिता, रोजगार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई, ताकि विकास का लाभ हर भारतीय तक पहुंच सके। सिद्धारमैया के अलावा 4 CM पिछली बैठक में नहीं पहुंचे थे नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में कर्नाटक के तत्कालीन CM सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की तत्कालीन CM ममता बनर्जी, केरल के तत्कालीन CM पिनराई विजयन, बिहार के तत्कालीन CM नीतीश कुमार और पुडुचेरी CM एन. रंगासामी शामिल नहीं हुए थे। नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम के अनुसार, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 ने बैठक में भाग लिया था। उन्होंने इसे गवर्निंग काउंसिल की सबसे अधिक भागीदारी वाली बैठकों में से एक बताया था। वहीं, तमिलनाडु के तत्कालीन CM एम.के. स्टालिन, तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड CM हेमंत सोरेन और पंजाब के भगवंत मान जैसे विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में मौजूद रहे थे। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- कांग्रेस ने नाकामी का कलंक हिंदुओं पर लगाया:हमने सालों के काम महीनों में किए; शुभेंदु ने PM को झालमुड़ी खिलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने पर भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा- 12 साल में देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ। नाकामी कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू आबादी पर लगाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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