लॉरेंस ऑफ पंजाब सीरीज में नया ट्विस्ट:गैंग की पोस्ट आई: कहा- हमने किसी को धमकी नहीं दी, रिलीज के पक्ष में नहीं थे

लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री सीरीज को लेकर नया ट्विस्ट आया है। अब लॉरेंस गैंग की एक नई पोस्ट सामने आई है। इसमें दावा किया गया है कि उनकी तरफ से फिल्म का विरोध करने वालों को कोई धमकी नहीं दी गई है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि वे खुद इस सीरीज के रिलीज न होने के पक्ष में थे, क्योंकि इससे केसों की जांच प्रभावित होती। हालांकि इस मामले में अब केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इससे पहले शनिवार को एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें फिल्म के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इनमें कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह, डीजीपी पंजाब गौरव यादव, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नाम शामिल थे। अब सारे मामले को चार प्वाइंटों में जानिए 1. राजा वड़िंग ने पीएम को पत्र लिखा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को पता चला कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर लॉरेंस ऑफ पंजाब नाम से एक डॉक्यूमेंट्री आ रही है, जो कि 27 तारीख को रिलीज होगी। इसके बाद राजा वड़िंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 को कानूनी नोटिस भेजकर इसे ‘पंजाबियत का अपमान’ बताया, जिसके बाद केंद्र ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की। 2. पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाने की मांग की। विशेष डीजीपी (साइबर क्राइम) वी नीरजा ने चेतावनी दी कि यह डॉक्यूमेंट्री संगठित अपराध का महिमामंडन करती है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। 3. घावों पर नमक छिड़कने जैसा- बलकौर सिंह गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने डॉक्यूमेंट्री पर कहा था कि गैंगस्टरों का महिमामंडन युवाओं के लिए “जहर” के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहीदों या वैज्ञानिकों के बजाय उनके बेटे के हत्यारे पर डॉक्यूमेंट्री क्यों बनाई जा रही है। उन्होंने इसे पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया और तुरंत प्रतिबंध की मांग की। 4. रंधावा ने डॉक्यूमेंट्री को देश विरोधी बताया था कांग्रेस सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री का कड़ा विरोध करते हुए इसे “देशविरोधी” और पंजाब की विरासत के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यह डॉक्यूमेंट्री अपराधियों का महिमामंडन करती है, जिससे युवाओं में “गन कल्चर” को बढ़ावा मिल सकता है। रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ आवाज उठाने के बाद रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस प्रशासन को दे दी है।

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