भले ही गत एक सप्ताह से केंद्र व पंजाब सरकार के बीच तनातनी का माहौल चल रहा है। वहीं, बुधवार को पंजाब सीएम भगवंत मान दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से मिले। इस दौरान दोनों में करीब पौने घंटे तक मीटिंग चली। इसके दोनों ने जाइंट प्रेस कांफ्रेंस की। इस मौके CM ने कहा मंत्री साहिब ने हमें विश्वास दिलाया है कि खादों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखी जाएगा। भले ही खाड़ी युद्ध के कारण कुछ मुश्किलें आ सकती हैं, लेकिन पंजाब को खाद मिलती रहेगी। क्योंकि पंजाब केंद्रीय पूल (Central Pool) में सबसे ज्यादा योगदान देता है और जब भी देश पर अनाज का संकट या दुश्मन का हमला होता है, पंजाब हमेशा सीना तानकर सबसे आगे खड़ा रहता है। मुझे इस बात की खुशी है कि चौहान साहब (केंद्रीय मंत्री) ने हमारी तीन-चार मुख्य मांगों को माना है, विशेषकर फसल विविधीकरण (Crop Diversification) पर। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब हरित क्रांति का अगुवा है और इसने अनाज के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाया है, इसलिए हम मिलकर काम करेंगे। सीएम ने मुख्य रूप से यह तीन बाते कहीं आधा पंजाब डॉर्क जोन में मुलाकात के बाद जाइंट पीसी मं सीम ने कहा कि खाद की सप्लाई का भरोसा मिला है। धान की खेती की वजह से पंजाब की धरती का पानी बहुत कम हो गया है और आधा पंजाब ‘डार्क जोन’ में चला गया है। इसलिए आने वाले दिनों में मक्का, दालों, तिलहन, सूरजमुखी और बाजरा जैसी फसलों को बढ़ावा देने का फैसला हुआ है। इससे किसान का पानी और मेहनत कम लगेगी और उनकी आमदनी भी अच्छी होगी। चावल के लिए कमेटी बनेगी चावल की कुछ हाइब्रिड किस्मों (जिनमें ब्रोकन राइस ज्यादा होता है) पर एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के सदस्य शामिल होंगे। जल्द ही कृषि विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब का दौरा करेगा ताकि किसानों में फसल विविधीकरण को लेकर जागरूकता लाई जा सके। पानी बचाने पर रणनीति बनी पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ और उपजाऊ (जरखेज) है, यहां कुछ भी बीजो तो उग जाता है, लेकिन हमें पंजाब को रेगिस्तान (मारूथल) बनने से रोकना है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘पांच आब’ (पांच पानी) वाले पंजाब के नाम को सार्थक करना है, इसलिए पानी बचाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य दोनों सहमत हैं। सबसे खुशी की बात यह है कि पंजाब ने 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं का जो लक्ष्य तय किया था, उसे पूरा कर लिया है और हम इसे नेशनल पूल में दे रहे हैं। पंजाब के साथ मिलकर काम करेंगे मैं पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री जी का दिल से स्वागत करता हूं। हमें पंजाब पर गर्व है, जो देश पर आने वाले हर संकट को अपने सीने पर झेलता है। मैं पंजाब की महान जनता को प्रणाम करता हूं।आज कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। हमने तय किया है कि कपास (Cotton), दालों, तिलहन और बागवानी के मिशनों में केंद्र और पंजाब मिलकर काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि किसान को घाटा न हो, डायवर्सिफिकेशन से फायदा मिले, पानी और मिट्टी बचे और हम जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपट सकें। पंजाब की अन्य मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। किसानों को जिस भी सहयोग की जरूरत होगी, हम पूरी ताकत से उसे पूरा करेंगे। पंजाब हरित क्रांति का अगुवा है और इसने अनाज के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाया है, इसलिए हम मिलकर काम करेंगे।
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