सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे देश में कई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों एक्सप्रेसवे जैसी सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती या इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के कारण एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की बेंच ने सड़क और परिवहन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को सड़कों को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। बेंच ने बताया कि नेशनल हाईवे भारत की कुल सड़क लंबाई का सिर्फ 2% हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में इनका हिस्सा लगभग 30% है। ये निर्देश 13 अप्रैल को सामने आए। जहां कोर्ट 2 और 3 नवंबर 2025 को राजस्थान के फलोदी, तेलंगाना के रंगारेड्डी में लगातार हुई सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत के बाद दर्ज केस पर सुनवाई कर रहा था। इन दुर्घटनाओं का कारण सिस्टम की लापरवाही और बुनियादी ढांचे का फेल्योर था, जिसके कारण ये मौतें हुईं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश 9 पॉइंट्स में … ———————— ये खबर भी पढ़ें… सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- संविधान सबसे ऊपर: निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों का फैसला करते समय, संविधान को व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं से ऊपर रखना चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मन की स्वतंत्रता और संवैधानिक ढांचे द्वारा निर्देशित होना जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर…
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