सशक्तिकरण की नई मिसाल:दिल्ली की 16 साल की छात्रा ने बनाया ‘सखीसेतु’ ऐप; इसमें पीरियड ट्रेकर, गर्भवती महिला की सेहत का रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं

द्वारका के बाल भारती पब्लिक स्कूल की कक्षा 12वीं की 16 साल की छात्रा ने महिलाओं और बच्चों की सेहत के लिए ‘सखीसेतु’ मोबाइल ऐप बनाया है। इस छात्रा ने माहवारी से जुड़ी सेहत पर NGO के साथ 120 घंटे जमीनी काम किया। मार्च 2026 में ऐप गूगल प्ले स्टोर पर आया और 250 से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया। मई 2026 में दूसरा वर्जन आया जिसमें कम्युनिटी फोरम और टीकाकरण ट्रैकर जोड़ा गया। ऐप चार हिस्सों में है। माहवारी प्रबंधन में पीरियड ट्रैकर और आगामी या छूटे पीरियड की सूचना है। इसमें हिंदी-अंग्रेजी वीडियो हैं जो बच्चियों को माहवारी समझाते हैं। मां की सेहत हिस्से में गर्भवती महिला अपनी सेहत रिकॉर्ड कर सकती है और बच्चे के हफ्ते-दर-हफ्ते विकास की जानकारी पा सकती है। टीकाकरण ट्रैकर में बच्चे को टीका लगने की जानकारी सखीसेतु फोरम में महिलाएं अपनी सेहत संबंधी समस्याएं साझा कर सकती हैं। टीकाकरण ट्रैकर में मां 0 से 5 साल के बच्चे के टीका लगने की जानकारी रख सकती है और आगामी या छूटे टीके की सूचना पा सकती है। यह रिकॉर्ड डाउनलोड-प्रिंट भी होता है। सेहत के सवालों का वैज्ञानिक जवाब ऐप में एआई चैटबॉट है जो सेहत के सवालों का वैज्ञानिक जवाब देता है। गूगल मैप्स से पास के अस्पताल-क्लीनिक तुरंत ढूंढ सकते हैं। राजस्थान के सागवाड़ा और उत्तर प्रदेश के हरदोई के सरकारी स्कूलों ने यह ऐप अपनी बच्चियों की सेहत-शिक्षा के लिए अपनाया। लायंस क्लब हजारीबाग और शाह हॉस्पिटल गांधीधाम ने भी इसे जमीनी स्तर पर आजमाया। कई सेहत जागरूकता कार्यक्रम भी हुए। यह पहल डिजिटल इंडिया को मजबूत करती है और पूरे देश में महिला-बच्चे की सेहत जागरूकता फैलाएगी। स्कूली पढ़ाई के बीच सेहत समस्याओं का तकनीकी हल निकालना इस 16 साल की छात्रा की मेहनत और नेतृत्व को दर्शाता है। ————–

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