दिल्ली में कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क:नोडल अधिकारी नियुक्त, शिक्षा मंत्री सूद का दावा- नीति बनाने वाला अग्रणी राज्य बनेगी दिल्ली

नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जुलाई 2024 में पानी भर जाने से कई विद्यार्थियों की मौत के बाद सामने आई गंभीर सुरक्षा खामियों तथा संरचनात्मक एवं आधारभूत सुविधाओं की कमियों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों के नियम की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी संदर्भ में बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। बैठक में एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, उच्च शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित सभी प्रमुख नियामक एवं नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा उक्त दुर्घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आरके गौबा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों में मौजूद कमियों का परीक्षण कर व्यापक निवारक उपायों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में प्रणालीगत कमियों की पहचान करते हुए कोचिंग संस्थानों के प्रभावी विनियमन और निगरानी के लिए एक व्यापक रूपरेखा सुझाई गई है। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों से जुड़े मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा यह बैठक दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की प्रशासनिक एवं निगरानी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जिसके माध्यम से बिखरी हुई निगरानी प्रणाली से आगे बढ़कर एक समन्वित शैक्षणिक एवं नियामक ढांचा विकसित किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नियामक ढांचा तैयार हो रहा : सूद मंत्री ने आगे कहा इस प्रक्रिया के संचालन के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूद ने यह भी कहा बैठक में दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार कर उसे शीघ्र लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एक बहु-विषयक समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इन दिशा-निर्देशों में कोचिंग संस्थानों की शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता एवं परामर्श व्यवस्था, आधारभूत संरचना मानक, भवन सुरक्षा अनुपालन, अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था, तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण एवं कार्य परिस्थितियों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल कोचिंग संस्थानों का विनियमन करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली जल्द ही कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

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